Monday, August 2, 2010

RASHTAR MANDAL KHEL (COMMON WEALTH GAMES)

राष्ट्र मंडल खेल


कह गए ऋषि मुनि हमारे
जीवन है खेल तमाशा
ऐसे है नेता हमारे कर दिया संधि विच्छेद उसका
और बना दिया खेल को एक तमाशा


स्वर्ण पदक तो मिलेगे खिलाडियों को
बाद करने के मशकत खेल के मैदान में
मगर इन्होने तो मैदान बनने से पहले ही
सोने की खान को लूट लिया


मगर है तारीफ़ इनकी की
इन्होने पांड्वो के सिदान्त को भी मान लिया
जिस की जितनी औकात थी उसको
उतना सोना बाँट दिया


किसी ने स्टेडियम में खाया
किसी ने मकान में खाया
और कोई सड़के बनाकर खा रहा है
किसी को कुछ नही मिला तो वो
बिना मजदूर के नालिया साफ़ करा रहा है


है त्रस्त जनता इस बढती हुई महंगाई से
है परेशान खिलाडी नेताओ के
 निकम्मे खिलाडी जवाई से


मगर है कहते खेल मंत्री की वो चुप रहेंगे
बचायेंगे देश को रुस्बाई से और
खेलो के अंत तक सब यूँही सहेंगे


बाद खेलो के वो अपना मुंह खोलेंगे
बैठाकर आयोग वो सचाई को तोलेंगे


वो आयोग एक के बाद एक तारीख देता जायेगा
और बोफोर्स, ताबूत और चारा घोटाले की तरह
ये भी इतिहास की परतों में दफन हो जायेगा II


लेखक प्रवीन चन्द्र झांझी   

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