Sunday, August 8, 2010

JEEVAN (LIFE)

जीवन
हुआ पैदा मै जब तो कहा मेरे पिता ने
बड़ी देर लगा दी यार
बहुत कराया तुने इंतज़ार
आया  तू चार लडकियों के बाद
कुछ मजा नही आया

गया स्कूल मै जब मिला टीचर से
नही दी कोई donation और
टेस्ट में मै  होगया पास
कहा टीचर ने  दाखिला तो मिल गया यार
पर मजा नहीं आया

गया कॉलेज में मिला लडकियों से
कहा उन्होंने देखने में हो ठीक ठाक
पर हो  किसी रईस की नही औलाद
मगर चलो बैठो हमारे पास
पर मजा नही आया

गया जब करने नौकरी
तो कहा बास ने कुछ कर के दिखाओ
मेहनत  तो खूब की पर उपर से कुछ नही किया
हो गया बास नाराज और
कहने लगा ये बात
की मजा नही आया

हुई शादी उसके बाद आई बीवी घर में
लाई दो बड़ी बहनों की नसीहत अपने साथ
चाहती थी वो तीनो की सुनु मै  उनकी बात
नही दिया अपने घर का रिमोट जब उनके हाथ
तो बोली तीनो एक साथ की
मजा नही आया

जब तक थे जिन्दा माँ बाप
रखना था उनको हमारे साथ
सब बहने सुनती रही हमारी बात
जाते ही उनके मचा दी बन्दर बाँट
जब बाद कर्तव्य के मैंने मांगे अपने अधिकार
तो लगी कहने सब एक ही बात
की मजा नही आया

हुआ बेटा घर में मेरे बहुत दिया लाढ प्यार
जब तक था पैसा मेरे पास
करता रहा उसकी पूरी हर मांग
तब तक था वो मेरे साथ
फिर जब बदले हालात और हो गया मै बेकार
फिर बन गया मै भार और वो होगया माँ के साथ
और बोला की मजा नही आया

अब कर रहा हूँ मै टाइम पास
कर रहा हूँ इन्तजार की कब जाऊंगा मै
इस दुनिया से पार अपने भगवान के पास
करूँगा शुक्रिया उनका की
चाहे हुआ मै परेशान पर  बतादी आपने
मुझे   इन सांसारिक रिश्तो की औकात
 बस बास मजा आ गया II

लेखक प्रवीन चन्द्र झांझी

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